Tata Solar System 3 hp Solar Water Pump: भारतीय किसानों की ज़िंदगी में पानी की कमी और बिजली की अनियमित सप्लाई हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है। कई बार खेत सूखे रह जाते हैं, डीज़ल पंप का खर्च लगातार बढ़ता जाता है और ग्रिड बिजली कब आएगी, इसका कोई भरोसा नहीं होता। ऐसे में अगर सूरज की रोशनी ही खेतों की सिंचाई का साधन बन जाए, तो यह किसी वरदान से कम नहीं है। यही काम कर रहा है Tata Power का 3 HP Solar Water Pump, जो 2026 में भारत के किसानों के बीच सबसे ज्यादा डिमांड में बना हुआ है।

PM-KUSUM योजना के तहत जहां किसानों को 90% तक सब्सिडी मिल रही है, वहीं Tata Power की भरोसेमंद क्वालिटी और एडवांस सोलर टेक्नोलॉजी इसे किसानों की पहली पसंद बना रही है। इस आर्टिकल में हम आपको Tata के 3 HP Solar Water Pump से जुड़ी हर जरूरी जानकारी देंगे, जिसमें इसके फीचर्स, फायदे, रोज़ाना पानी निकालने की क्षमता, सोलर पैनल की जरूरत, बिजली बिल में बचत और इंस्टॉलेशन डिटेल्स शामिल हैं।
क्यों है Tata का 3 HP Solar Water Pump सबसे ज्यादा डिमांड में?
2026 में भारत का सोलर वॉटर पंप मार्केट लगभग 23.2% CAGR की दर से तेज़ी से बढ़ रहा है। इस ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ा कारण PM-KUSUM योजना है जो भारत के 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट का अहम हिस्सा है। Tata Power Solar जो पिछले 32 वर्षों से सोलर सॉल्यूशंस के क्षेत्र में लीडर है, अब तक 1 लाख से ज्यादा सोलर वॉटर पंप इंस्टॉल कर चुका है।
Tata का 3 HP Solar Water Pump किसानों को डीज़ल और ग्रिड बिजली की निर्भरता से पूरी तरह आज़ादी देता है। जहां एक डीज़ल पंप का सालाना खर्च 40,000 से 50,000 रुपये तक पहुंच जाता है, वहीं सोलर पंप में फ्यूल कॉस्ट बिल्कुल नहीं होती और मेंटेनेंस भी बेहद कम रहता है। भारत में अब 3.5 मिलियन से ज्यादा किसान क्लीन एनर्जी की ओर शिफ्ट हो चुके हैं। खासतौर पर राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में, जहां पानी की कमी एक बड़ी समस्या है, Tata का यह सोलर पंप सबसे ज्यादा पॉपुलर हो रहा है।
फीचर्स: क्या बनाता है इसे सुपर एफिशिएंट?
Tata का 3 HP DC Submersible Solar Water Pump (Tata Solar Saawan 3HP-DC) एडवांस टेक्नोलॉजी और मजबूत बिल्ड क्वालिटी के साथ आता है। इसके प्रमुख फीचर्स इस प्रकार हैं:
- सोलर मॉड्यूल: इस पंप के साथ 3000Wp कैपेसिटी के IEC सर्टिफाइड सोलर पैनल मिलते हैं, जिन पर 25 साल की परफॉर्मेंस वारंटी दी जाती है।
- पंप कैपेसिटी: यह 3 HP का पंप है, जिसमें स्टेनलेस स्टील से बना रस्ट-फ्री मोटर-सेट इस्तेमाल किया गया है।
- सेफ्टी फीचर्स: इसमें ड्राई रन प्रोटेक्शन, रिवर्स पोलैरिटी प्रोटेक्शन, लो वोल्टेज सेफ्टी और लाइटनिंग अरेस्टर जैसे फीचर्स मिलते हैं, जो पंप को लंबे समय तक सुरक्षित रखते हैं।
- कंट्रोलर: इसमें ऑटो ऑन/ऑफ कंट्रोलर दिया गया है, जो सूरज की रोशनी के अनुसार पंप को अपने आप ऑपरेट करता है। साथ ही ग्रिड चेंजओवर ऑप्शन भी मौजूद है, जिससे बादल वाले दिनों में ग्रिड बिजली का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- डायनैमिक हेड: इस पंप का डायनैमिक हेड 50 मीटर तक और शट-ऑफ हेड 75 मीटर तक है।
यह पंप DC और AC दोनों वेरिएंट में उपलब्ध है और इसे बोर्वेल, ओपन वेल और सरफेस वॉटर सोर्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 2026 में इसमें रिमोट मॉनिटरिंग का फीचर भी जोड़ा गया है, जिससे किसान मोबाइल ऐप के जरिए पंप की परफॉर्मेंस चेक कर सकते हैं।
लाभ: किसानों के लिए गेम-चेंजर
Tata का 3 HP Solar Water Pump सिर्फ पानी निकालने का साधन नहीं है, बल्कि यह किसानों के लिए एक लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट साबित हो रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा भारी लागत में बचत है। डीज़ल पंप की तुलना में इसका पेबैक पीरियड सिर्फ 2 से 3 साल का होता है।
यह पंप पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है, जिससे कार्बन एमिशन कम होता है और बिजली कटौती की समस्या खत्म हो जाती है। इसमें फ्यूल कॉस्ट शून्य है, मेंटेनेंस बेहद कम है और पंप व कंट्रोलर पर 5 साल की वारंटी मिलती है। इसके अलावा किसान एक्स्ट्रा सोलर एनर्जी को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं।
दैनिक पानी निकासी, पैनल्स की जरूरत और बिजली बिल में सेविंग
- डेली वाटर आउटपुट: 50 मीटर हेड पर यह पंप एक दिन में लगभग 63,000 लीटर पानी निकाल सकता है। 5 से 6 घंटे की अच्छी धूप में यह 60,000 लीटर तक पानी आसानी से उपलब्ध करा देता है, जो मीडियम साइज खेतों के लिए काफी है।
- पैनल्स की संख्या: 3000Wp सिस्टम के लिए आमतौर पर 8 से 10 सोलर पैनल की जरूरत होती है। यदि 375W के पैनल लगाए जाएं, तो 8 पैनल पर्याप्त रहते हैं।
- बिजली बिल में बचत: पारंपरिक पंप की तुलना में लगभग 80% तक बिजली बिल की बचत होती है। एक 3 HP पंप रोज़ाना 6 घंटे चलने पर 15–18 यूनिट बिजली खर्च करता है, जबकि सोलर पंप में बिजली का बिल पूरी तरह ज़ीरो हो जाता है। इससे हर महीने 5,000 से 10,000 रुपये तक की बचत संभव है।
90% सब्सिडी कैसे मिलेगी?
PM-KUSUM योजना के तहत किसानों को कुल लागत पर 90% तक सब्सिडी मिल सकती है। इसमें 30% केंद्र सरकार, 30% राज्य सरकार, 30% बैंक लोन और केवल 10% राशि किसान को खुद देनी होती है।
आवेदन करने के लिए किसान को pmkusum.mnre.gov.in वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होता है। आधार कार्ड, भूमि दस्तावेज और बैंक डिटेल्स सबमिट करने के बाद अप्रूवल मिलता है। अप्रूवल के बाद किसान को सिर्फ 10% राशि जमा करनी होती है। आमतौर पर 90 से 120 दिनों के भीतर सब्सिडी अप्रूव हो जाती है और पंप इंस्टॉल कर दिया जाता है। 2026 में यह योजना 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है और अब तक 2.45 लाख से ज्यादा किसान इसका लाभ ले चुके हैं।
इंस्टॉलेशन डिटेल्स: आसान और क्विक
Tata के 3 HP Solar Water Pump का इंस्टॉलेशन बेहद आसान होता है और आमतौर पर 1 से 2 दिन में पूरा हो जाता है।
- सबसे पहले ऐसी जगह का चुनाव किया जाता है, जहां पूरे दिन अच्छी धूप मिलती हो और पैनल साउथ फेसिंग लगाए जा सकें।
- इसके बाद गैल्वेनाइज्ड आयरन का मजबूत माउंटिंग स्ट्रक्चर लगाया जाता है, जो 150 kmph तक की हवा सहन कर सकता है।
- फिर सबमर्सिबल पंप को बोर्वेल में इंस्टॉल किया जाता है और पाइप, केबल व रोप कनेक्ट किए जाते हैं।
- इसके बाद कंट्रोलर और सोलर पैनल्स की वायरिंग की जाती है, जिसमें 10 गेज वायर का इस्तेमाल किया जाता है।
- अंत में पंप की टेस्टिंग की जाती है, जिसमें ऑटो ऑन/ऑफ और पानी के फ्लो को चेक किया जाता है।
Tata Power की टीम किसानों को फ्री टेक्निकल गाइडेंस देती है और PM-KUSUM सब्सिडी अप्रूव होने पर इंस्टॉलेशन भी मुफ्त में किया जाता है।