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सौर ऊर्जा का दौर तेजी से आगे बढ़ रहा है और वर्ष 2026 में भारत में सोलर सिस्टम इंस्टॉलेशन अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। यदि आप अपने घर या छोटे बिजनेस के लिए 5kW सोलर पैनल सिस्टम लगाने की योजना बना रहे हैं तो सबसे अहम सवाल यही होता है कि इसमें कितनी बैटरी लगेगी और कौन-सी बैटरी सही रहेगी।
बैटरी सोलर सिस्टम का सबसे जरूरी हिस्सा होती है, क्योंकि यही रात के समय या बादल वाले दिनों में बिजली स्टोर करके सप्लाई करती है। यदि बैटरी का चुनाव गलत हो जाए, तो इससे न सिर्फ परफॉर्मेंस प्रभावित होती है बल्कि पैसे की भी बर्बादी हो सकती है। इस आर्टिकल में हम यह समझाएंगे कि lead-acid और lithium बैटरी में क्या अंतर है, 5kW सिस्टम के लिए कितनी बैटरी चाहिए, उनकी कीमतें क्या हैं और सही बैटरी चुनने का आसान तरीका क्या है।
5kW सोलर सिस्टम क्या है और यह कितनी बिजली बनाता है?
5kW सोलर सिस्टम मध्यम आकार के घरों और छोटे ऑफिस के लिए एक आदर्श विकल्प माना जाता है। भारत में, खासकर जयपुर जैसे शहरों में जहां साल भर अच्छी धूप मिलती है, एक 5kW सोलर सिस्टम रोजाना लगभग 15 से 22 यूनिट यानी kWh बिजली पैदा कर सकता है। इसका मतलब यह है कि यदि आपका मासिक बिजली बिल करीब 700 से 800 यूनिट का आता है, तो यह सोलर सिस्टम आपकी कुल जरूरत का लगभग 60 से 70 प्रतिशत तक कवर कर सकता है।
हालांकि, यदि आप ऑफ-ग्रिड या हाइब्रिड सोलर सिस्टम चुनते हैं, जहां बैटरी स्टोरेज जरूरी होता है तो बैटरी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। On-Grid Solar System में आमतौर पर बैटरी की जरूरत नहीं होती, क्योंकि अतिरिक्त बिजली सीधे ग्रिड में चली जाती है। इसके बावजूद, पावर कट वाले इलाकों में बैकअप के लिए बैटरी लगवाना एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
बैटरी के प्रकार: Lead-Acid vs Lithium – कौन बेहतर?
वर्ष 2026 में बैटरी टेक्नोलॉजी में lithium-ion, खासकर LiFePO4 बैटरी का दबदबा देखने को मिल रहा है, जबकि lead-acid बैटरी अभी भी बजट सेगमेंट में इस्तेमाल की जा रही हैं।
Lead-acid बैटरी पारंपरिक और अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं। इन बैटरियों की औसत लाइफ 3 से 5 साल तक होती है और इनका डेप्थ ऑफ डिस्चार्ज लगभग 50 प्रतिशत होता है, यानी आप पूरी बैटरी क्षमता का सिर्फ आधा ही इस्तेमाल कर सकते हैं। इन बैटरियों में नियमित मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है, जैसे पानी भरना और टर्मिनल की जांच करना। इसके अलावा ये बैटरियां वजन में भारी होती हैं और इनकी एफिशिएंसी भी कम मानी जाती है।
वहीं दूसरी ओर lithium-ion बैटरियां एक आधुनिक और एडवांस विकल्प हैं। इनकी लाइफ आमतौर पर 8 से 15 साल तक होती है और डेप्थ ऑफ डिस्चार्ज 80 से 90 प्रतिशत तक होता है, जिससे ज्यादा यूजेबल पावर मिलती है। इन बैटरियों में किसी तरह का मेंटेनेंस नहीं करना पड़ता, ये हल्की होती हैं, जल्दी चार्ज होती हैं और इनमें बेहतर सेफ्टी फीचर्स दिए जाते हैं। हालांकि इनकी शुरुआती कीमत ज्यादा होती है, लेकिन लंबी अवधि में यह सस्ती साबित होती हैं, क्योंकि इनमें 6,000 से 10,000 तक चार्ज-डिस्चार्ज साइकल्स मिलते हैं।
यदि आपका बजट सीमित है और आप शॉर्ट-टर्म इस्तेमाल के लिए सिस्टम लगा रहे हैं, तो lead-acid बैटरी एक विकल्प हो सकती है। लेकिन यदि आप लॉन्ग-टर्म सेविंग्स, बेहतर परफॉर्मेंस और भरोसेमंद बैकअप चाहते हैं तो lithium बैटरी सबसे बेहतर विकल्प मानी जाती है।
5kW सिस्टम के लिए कितनी बैटरी चाहिए?
5kW सोलर सिस्टम के लिए बैटरी की संख्या और कैपेसिटी पूरी तरह आपकी रोजाना बिजली खपत और बैकअप की जरूरत पर निर्भर करती है। मान लीजिए कि आपकी डेली खपत 15 से 20 यूनिट बिजली की है और आप 1 से 2 दिन का बैकअप चाहते हैं। ऐसे में बैटरी कैपेसिटी का सही चुनाव करना बेहद जरूरी हो जाता है।
Lead-acid बैटरियां आमतौर पर 48V सिस्टम में इस्तेमाल की जाती हैं। 5kW सोलर सिस्टम के लिए करीब 10 से 20 kWh बैटरी स्टोरेज की जरूरत पड़ती है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप 4 × 200Ah बैटरियां लगाते हैं तो कुल नॉमिनल कैपेसिटी लगभग 9.6 kWh होगी, लेकिन 50 प्रतिशत DoD के कारण आपको सिर्फ 4.8 kWh यूजेबल पावर मिलेगी। ज्यादा बैकअप के लिए 8 से 10 बैटरियों की जरूरत भी पड़ सकती है। इन बैटरियों के लिए ज्यादा जगह चाहिए होती है और इनका कुल वजन 200 से 300 किलोग्राम तक पहुंच सकता है।
Lithium बैटरियां ज्यादा एफिशिएंट होती हैं, इसलिए इनकी संख्या कम लगती है। 5kW सिस्टम के लिए 5 से 10 kWh की lithium बैटरी आमतौर पर पर्याप्त होती है। उदाहरण के लिए, एक 5kWh lithium बैटरी से 4 से 5 घंटे का बैकअप मिल सकता है, जबकि 10kWh के लिए दो बैटरियां लगाई जाती हैं। ये बैटरियां कॉम्पैक्ट होती हैं और अक्सर 10 साल की वारंटी के साथ आती हैं।
बैटरी की कीमतें: 2026 में लेटेस्ट रेट्स
भारत में सोलर बैटरियों की कीमतें ब्रांड, लोकेशन और उपलब्ध सब्सिडी पर निर्भर करती हैं। जनवरी 2026 से लागू नई सरकारी एफिशिएंसी स्टैंडर्ड्स के कारण कीमतों में थोड़ा बदलाव देखने को मिला है, लेकिन टेक्नोलॉजी के सस्ते होने से यह अंतर काफी हद तक बैलेंस हो रहा है।
Lead-acid बैटरी की बात करें तो 5kWh स्टोरेज के लिए इसकी कीमत लगभग ₹35,000 से ₹50,000 तक होती है। वहीं, 10kWh का पूरा बैटरी बैंक लगाने में करीब ₹1.2 से ₹1.5 लाख तक का खर्च आ सकता है। हालांकि, इन बैटरियों की लाइफ कम होने के कारण हर 3 से 5 साल में रिप्लेसमेंट का अतिरिक्त खर्च भी जुड़ जाता है।
Lithium बैटरी की कीमत 5kWh के लिए करीब ₹1.0 से ₹1.3 लाख तक होती है, जबकि 10kWh के लिए ₹2.0 से ₹2.6 लाख तक खर्च आ सकता है। शुरुआत में यह महंगी लग सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह 2 से 3 गुना सस्ती साबित होती है, क्योंकि इसमें मेंटेनेंस नहीं होता और साइकल लाइफ ज्यादा होती है। PM Surya Ghar जैसी सरकारी योजनाओं के तहत Hybrid Solar System पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलने से लागत और भी कम हो सकती है।
एक पूर्ण ऑफ-ग्रिड 5kW सोलर सिस्टम, जिसमें पैनल, इन्वर्टर और बैटरी शामिल हों, उसकी कुल कीमत लगभग ₹3 से ₹6 लाख तक हो सकती है, जिसमें बैटरी का हिस्सा करीब 30 से 50 प्रतिशत तक होता है।
सही बैटरी चुनने का तरीका: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
सही बैटरी चुनना मुश्किल काम नहीं है, लेकिन इसके लिए सही कैलकुलेशन और जरूरत की समझ जरूरी है। सबसे पहले आपको अपनी डेली बिजली खपत को kWh में कैलकुलेट करना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आपके घर में AC, फ्रिज, लाइट और अन्य उपकरण मिलाकर रोजाना 15 यूनिट बिजली खर्च होती है, तो आपकी बैटरी कैपेसिटी कम से कम 10 से 15 kWh होनी चाहिए।
इसके बाद यह तय करें कि आपको कितने समय का बैकअप चाहिए। यदि आपको सिर्फ 1 दिन का बैकअप चाहिए तो कम स्टोरेज भी काफी है, लेकिन ऑफ-ग्रिड सिस्टम के लिए 2 से 3 दिन का बैकअप रखना बेहतर होता है। इसके साथ ही बैटरी का DoD और एफिशिएंसी जरूर देखें, क्योंकि lithium बैटरी में ज्यादा यूजेबल पावर मिलती है, जबकि lead-acid में यह कम होती है।
लाइफस्पैन और कुल लागत का भी ध्यान रखना जरूरी है। Lithium बैटरी की शुरुआती कीमत ज्यादा होती है, लेकिन यह 10 से 15 साल तक चलती है। वहीं, lead-acid बैटरी सस्ती होती है, लेकिन 3 से 5 साल में बदलनी पड़ती है। कुल मिलाकर टोटल ओनरशिप कॉस्ट देखें तो lithium बैटरी करीब 2.8 गुना सस्ती पड़ती है।
सेफ्टी और वारंटी भी एक अहम फैक्टर है। हमेशा IP रेटिंग वाली और फायर-रेजिस्टेंट बैटरी चुनें और Exide, Luminous या Tesla Powerwall जैसे भरोसेमंद ब्रांड्स की वारंटी जरूर जांचें। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करें कि बैटरी आपके 5kW इन्वर्टर जो आमतौर पर 48V का होता है के साथ पूरी तरह कंपैटिबल हो।
यदि आप जयपुर जैसे इलाके में रहते हैं तो लोकल डीलर से सलाह लें और उपलब्ध सब्सिडी की जानकारी जरूर प्राप्त करें। SolarEdge या Enphase जैसे कैलकुलेटर ऐप्स का इस्तेमाल करके आप बेहतर प्लानिंग कर सकते हैं। सही बैटरी के साथ 5kW सोलर सिस्टम लगाने से आप सालाना ₹50,000 से ₹70,000 तक की बचत कर सकते हैं। बजट कम हो तो lead-acid से शुरुआत की जा सकती है, लेकिन भविष्य को ध्यान में रखते हुए lithium बैटरी में निवेश करना एक स्मार्ट और फ्यूचर-प्रूफ फैसला साबित होता है।
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